इन्दोर-खंडवा के बीच करीब 10 साल से बंद पड़ी रेल कनेक्टिवटी अब जल्द शुरू होगी… सांसद शंकर लालवानी के विशेष प्रयासों से वन विभाग ने इसके लिए एनओसी भी जारी कर दी है… हालांकि पहले मीटरगेज लाइन पर इंदौर से खंडवा की दूरी 48 कि.मी. थी, लेकिन अब पहाड़ी क्षेत्र होने के चलते बॉडेगज ट्रैक में 32 किलोमीटर का घुमाव बढ़ जाएगा और इंदौर से खंडवा की दूरी लगभग 80 किलोमीटर हो जाएगी… अच्छी बात यह है कि यह नया ट्रैक महू से होता हुआ पातालपानी के पहले घूमकर खंडवा की ओर तो निकलेगा ही, साथ ही इंदौर का सीधा सम्पर्क भुसावल, नासिक और मुंबई के साथ-साथ तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु और केरल जैसे दक्षिण भारतीय राज्यों से भी हो जाएगा… इसके अलावा जयपुर, अजमेर जैसे उत्तर भारतीय शहरों तक भी सीधी पहुंच मिलेगी… अभी इन शहरों तक पहुंचने के लिए लंबा चक्कर लगाना होता है… यह नया रेल मार्ग उत्तर से लेकर दक्षिण भारत को जोड़ने वाला सबसे छोटा रुट होगा, जिससे यात्रियों का समय तो बचेगा ही, वहीं रेलवे भी मुनाफे में रहेगा… सांसद लालवानी ने मीडिया को बताया कि यह रेल कॉरिडोर मालवांचल के व्यापारियों, किसानों और यात्रियों के लिए तेज, किफायती और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प प्रदान करेगा… मालूम हो कि सांसद ने इस ट्रैक को चालू कराने के लिए जहां दिल्ली तक गुहार लगाई, तो गत दिनों मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ हुई बैठक में भी इस संबंध में प्राथमिकता से यह मुद्दा उठाया… मालूम हो कि पहाड़ी क्षेत्र से गुजरने वाले इस ट्रैक पर जो 32 किलोमीटर का घुमाव आ रहा है उसमें वन विभाग की करीब 454 हेक्टेयर जमीन शामिल थी, जिस पर ट्रैक बिछाने की अनुमति रेलवे मांग रहा था, जो अब जाकर मिली..!
