जय माता दी माघ मास शुक्ल पक्ष गुप्त नवरात्रि दस महाविद्याओं की पूजा की जाती है काली, तारा, त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी, छिन्नमस्ता, त्रिपुर भैरवी, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी और कमलात्मिका, जिनकी साधना से तंत्र-मंत्र और आंतरिक शक्तियों की प्राप्ति होती है।
काली – समय और परिवर्तन की देवी
तारा ज्ञान और मुक्ति की देवी
त्रिपुर सुंदरी सौंदर्य और आनंद की देवी (षोडशी).
भुवनेश्वरी ब्रह्मांड की
देवी.
छिन्नमस्ता
आत्म-नियंत्रण और बलिदान की देवी.
उग्र शक्ति और त्रिपुर भैरवी तपस्या की देवी.
कष्टों को दूर करती हैं. धूमावती विधवा देवी, जो
बगलामुखी शत्रुओं का
नाश करने वाली देवी.
मातंगी कला, संगीत और ज्ञान की देवी.
कमलात्मिका धन और समृद्धि की देवी (लक्ष्मी का रूप).
गुप्त नवरात्रि में इनकी पूजा तंत्र साधना के लिए की जाती है.
इनकी उपासना से धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष (चारों पुरुषार्थ) की प्राप्ति होती है. इनकी पूजा से आंतरिक शक्तियां जागृत होती हैं और जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं।।
*ज्योतिषाचार्य जिया पाटीदार (कुंडली विशेषज्ञ)*
