February 5, 2026
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मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र की आज समाप्ति हो गयी। समापन अवसर पर आज नेता प्रतिपक्ष श्री उमंग सिंघार ने महत्वपूर्ण संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि यह कुर्सी हमारी जनसेवा की है, न कि व्यापारिक लाभ की। हमें इसे सामाजिक न्याय के माध्यम के रूप में देखना और जनता की आवाज़ बनकर काम करना होगा।

श्री सिंघार ने कहा कि एक समय था जब मध्यप्रदेश देश का सबसे कम सत्र चलाने वाला राज्य बन गया था, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष के प्रयासों से इसमें सुधार हुआ है। उन्होंने सुझाव दिया कि विधानसभा की कार्यवाही का सीधा प्रसारण (लाइव टेलीकास्ट) होना चाहिए, ताकि आम जनता तक सदन की कार्यवाही पारदर्शी रूप में पहुंच सके। इस विषय पर विधानसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री और पूरे सदन को गंभीरता से विचार करना चाहिए।

नेता प्रतिपक्ष ने विधायक निधि को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि 2 करोड़ की विधायक निधि आज की आवश्यकताओं के अनुरूप नहीं है। इसे बढ़ाकर 5 करोड़ किया जाए, ताकि विधायक अपने क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं और विकास कार्यों को बेहतर तरीके से पूरा कर सकें। इसके साथ ही श्री सिंघार ने विधायकों के मानदेय की स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि एक विधायक की तनख्वाह महज 30-35 हजार रुपये है, जबकि इससे अधिक वेतन तो कई कर्मचारियों को प्राप्त होता है। उन्होंने इस विषय को लेकर भी विचार की आवश्यकता बताई।

श्री सिंघार ने कहा कि जनता को सिर्फ कानून बनने से मतलब नहीं होता, बल्कि उसे ज़मीन पर बुनियादी सुविधाएं चाहिए – सड़क, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोज़गार। हमें इस सदन से वही आवाज़ उठानी होगी जो जनता की जरूरतों से जुड़ी हो। नेता प्रतिपक्ष ने अंत में विधानसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री, सदस्यों सहित मीडिया और विधानसभा के कर्मचारियों को भी धन्यवाद दिया।

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