इंदौर
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईओडब्ल्यू) को प्रदान किए जा रहे आरक्षण में व्याप्त जटिलताओं और विसंगतियों को दूर करने की मांग को लेकर ईडब्ल्यूएस कांति के जनक तथा राजपूत करणी प्रमुख ने आंदोलन को एक संगठित और सशक्त स्वरूप प्रदान किया है।
राघव ने बताया कि कि जब तक ईडब्ल्यूएस सरलीकरण लागू नहीं होता और समाज को वास्तविक पीड़ित को लाभ नहीं मिलता, इसके लिए ईडब्ल्यूएस क्रांति की शुरुआत मध्यप्रदेश में
सर्वप्रथम की गई। राघव ने पहला आंदोलन ‘उज्जैन’ में और दूसरा ‘इंदौर’ शहर में मशाल यात्रा के रूप में में आर दूसरा आयोजित किया। आगामी दिनों में यह क्रांति पूरे प्रदेश में क्रमबद्ध तरीके से अलग-अलग माध्यमों और अभियानों के जरिये विस्तृत किया जाएगा, जिससे ईडब्ल्यूएस वर्ग के वास्तविक हितों की सके।
राघव ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी भी प्रकार के संघर्ष या असामाजिक गतिविधियों से दूर रहेगा और पूर्णतः संवैधानिक दायरे में चलाया जाएगा। कार्यक्रम में सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ दर्जनों महिला शक्ति ने भी भाग लिया।
