*उत्तरायण का पर्व 14 जनवरी को: सूर्य देव करेंगे मकर राशि में प्रवेश, पाएं पुण्य.*
मकर संक्रांति इस वर्ष 14 जनवरी 2026 दोपहर 3 बजकर 07 मिनट पर सूर्य नारायण धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करेंगे, सूर्य देव के अपने पुत्र शनि देव की राशि में प्रवेश को मकर संक्रांति कहते हैं सूर्य देव बारह महीने में बारह राशियां पूरी करते हैं इस बार 14 जनवरी को एकादशी के साथ-साथ मकर संक्रांति का भी योग है और यह एकादशी और मकर संक्रांति का दुर्लभ योग 20 साल बाद आ रहा है एकादशी तिथि प्रारंभ हो जाएगी 13 जनवरी को दोपहर 3 बजकर 17 मिनट से और यह रहेगी 14 तारीख शाम को 5 बजकर 52 मिनट तक, व्रत आपको 14 तारीख को करना है भगवान कहते हैं कि न दारिद्रम, न कष्टतम न दुर्भाग्यमेवच यानी ..एकादशी का व्रत करने वाले को ना दरिद्रता ना कष्ट न दुर्भाग्य देखना पड़ता है मकर संक्रांति के दिन किया हुआ कोई भी सत्कर्म दान पुण्य आदि ! करोडो गुना पुण्य दायक फलदायक माना गया है तिल का उपयोग दान करे ।किसी भी पवित्र नदी या तीर्थ स्थल पर स्नान करे चावल की खिचड़ी , गुड़ , पीला दान सोना चांदी दान आदि। हर महीने सूर्य की संक्रांति होती है परंतु मकर संक्रांति विशेष संक्रांति है इस दिन से सूर्य देव उत्तरायण होंगे । मकर संक्रान्ति इस वर्ष
वार – महोदरी
नक्षत्र – मंदाकिनी
गमन – पश्चिम दिशा
द्रष्टि – ईशान कोण
वाहन – व्याघ्र
उपवाहन – अश्व
वस्त्र – पीला
आयुध – गदा
लेपन – कुमकुम
स्थिति – बैठे हुए
आभुषण – कंकण
भक्ष्य – पायस ( दूध से बना पदार्थ)
अवस्था भोग – युवा
पात्र – कंचुकी
यह मकर संक्रान्ति सरकारी कर्मचारी के लिए शुभ रहेगी।
सूर्य देव की आराधना इस दिन अवश्य रुप से करना है उन्हें प्रसन्न करने के लिए आदित्य हृदय स्त्रोत, सूर्य स्त्रोत, श्री सुक्त का पाठ, गंगा स्त्रोत, सूर्य देव के इत्यादि मंत्र नाम जप करें। इस दिन सूर्य नारायण को जल अर्पित जरूर करें उस जल में गुड़ या लाल कुमकुम या गुड़हल का फूल इनमें से कुछ भी तांबे के पात्र में डालकर फिर जल अर्पित करें । इस दिन किया गया दान अक्षय होता है जिसका कभी क्षय नहीं होता । जो कभी भी समाप्त नहीं होता । इस दिन आप जो भी चीजे दान करें 14 की मात्रा (संख्या) मे करे । एकादशी होने से चावल का दान कर सकते है परंतु फलाहार में नहीं लेना चाहिए।
आप सभी को मकर संक्रांति पर्व की बहुत-बहुत शुभकामनाएं व बधाई।
ज्योतिषाचार्य जिया पाटीदार (कुंडली विशेषज्ञ)
