*डेड़ माह पहले कियोस्क बैंक में हुई चोरी का पुलिस नहीं लगा पाई सुराग*
कियोस्क बैंक में बगैर ताला तोड़े हो गई थी हजारों रूपये की चोरी, पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से लगाई मदद की गुहार, लेकिनअभी भी पुलिस के हाथ खाली
*कटनी।।*
बीते करीब डेड़ माह पूर्व रीठी मुख्यालय में गल्ला मंडी स्थित डांग मोड़ तिराहे पर संचालित एक कियोस्क बैंक में अजीबो-गरीब तरीके से हुई चोरी का आज तक पुलिस सुराग नहीं लगा पाई है। वहीं पीड़ित दुकान संचालक ने बीस नवम्बर को जिला पुलिस अधीक्षक को लिखित आवेदन सौंपकर कर अज्ञात चोरों की खोजबीन कर चोरी का खुलासा करने में मदद की गुहार लगाई थी। लेकिन पीड़ित को पुलिस अधीक्षक के यहां से भी मदद नहीं मिली और करीब डेड़ माह का समय बीत जाने के बाद भी रीठी पुलिस के हाथ खाली है। जिला पुलिस अधीक्षक को सौंपी गई लिखित शिकायत में पीड़ित दुकानदार ने रीठी पुलिस पर आरोप लगाये हैं कि पुलिस ने पीड़ित के द्वारा बताये गये तथ्यों को न लिखकर अपने मन मुताबिक राशि को लिखा है।
*ये था पूरा मामला*
बीते 27 अक्टूबर को रीठी थाना मुख्यालय के डांग तिराहे पर संचालित विनीत गुप्ता की कियोस्क बैंक में अजीबो गरीब तरह से चोरी की घटना को अंजाम दिया गया था। चोर ने न तो शटर को नुकसान पहुंचाया था और न ही ताला तोड़ा था फिर भी बैंक के ड्राज में रखे हजारों रूपये पार कर दिये थे। चोरी की ऐंसी वारदात जिसने भी सुनी वह सोचने पर मजबूर हो गया था कि आखिर बंद दुकान में चोर ने कैसे चोरी कर ली। बैंक संचालक के मुताबिक अंदर जाने का दूसरा रास्ता कहीं से भी नहीं है लेकिन चोर ने बंद दुकान में बिना ताला तोड़े अंदर रखे हजारों रुपये चुराये हैं।
*पीड़ित दुकानदार ने पुलिस पर लगाया मन मुताबिक शिकायत दर्ज करने का आरोप*
बैंक संचालक विनीत गुप्ता ने बताया कि उनके टेबल के ड्राज में 1,30,000 रुपये रखे हुए थे। रोज की तरह उन्होंने 27 अक्टूबर को रात करीब 8:30 बजे बैंक बंद कर शटर में ताला लगाकर अपने घर चले गए। लेकिन जब अगले दिन बैंक खोली गई तो ड्राज में रखे पैसे गायब थे। जबकि शटर में ताले जयों के त्यों लगे हुए थे और कहीं भी दीवार खोदने का निशान नहीं था। पीड़ित ने घटना की जानकारी रीठी पुलिस को दी जिसके बाद पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच पड़ताल की और दुकानदार के द्वारा बताये गये तथ्यों को ना लिखकर पुलिस अपने मन मुताबिक राशि लिखकर मामले की जांच कर रही है। दुकानदार विनीत गुप्ता के मुताबिक 1,30,000 रूपये गायब होने की शिकायत की गई लेकिन रीठी पुलिस ने कुल 30400 रूपये चोरी होने का मामला बनाया है। जबकि पीड़ित दुकानदार का कहना है कि उसके ड्राज से 1,30,000 रूपये गायब हुए हैं। डेड़ माह का समय बीत जाने के बाद भी रीठी पुलिस चोरी का खुलासा करना तो दूर चोर तक पहुंचने मे नाकाम साबित हुई है तो वही मन मुताबिक राशि लिखने का आरोप भी पुलिसिया कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े कर रहे हैं।
